अनुशासन व्यवस्था
नियमित पढ़ाई के साथ आदर्श अनुशासन हमारे महाविद्यालय की विशेषता है। प्रत्येक छात्रा से यह अपेक्षा की जाती है कि वह अनुशासनबद्ध रहकर महाविद्यालय की संस्कृति के अनुकूल आचरण अपनाएँ। अनुशासनहीनता बरतने पर छात्रा के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। जैसे-
1. महाविद्यालय में किसी भी बाहरी आगन्तुक से मिलना मना है।
2.समस्त संस्थागत छात्राएँ महाविद्यालय का वेश (ड्रेस) पहनकर ही आएँ। यदि कोई छात्रा रंगीन परिधान पहने हुए महाविद्यालय में घूमती पाई गई तो उसके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही होगी।
3. प्रत्येक संस्थागत छात्रा के पास महाविद्यालय द्वारा निर्गत परिचय पत्र (Identity Card) होना आवश्यक है।
4. महाविद्यालय प्रशासन एवं अनुशास्ता मण्डल परिसर के अंदर छात्रा को शिक्षित करने, उसके व्यक्तित्व के विकास हेतु सम्पन्न की जाने वाली सह-शैक्षिक गतिविधियों के लिए ही उत्तरदायी है।
5. यदि छात्रा असभ्य आचरण करती हुई या असभ्य भाषा का प्रयोग करती हुई पायी जाती है तो उसे महाविद्यालय से निष्कासित कर दिया जायेगा।
6. महाविद्यालय परिसर में मोबाइल लाने पर पूर्ण प्रतिबन्ध है। आप परिसर के अंदर यदि मोबाइल से बात करती हुई पकड़ी जाती हैं तो आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर महाविद्यालय का या मेरा स्वयं का मोबाइल फोन छात्राओं के लिए उपलब्ध है।
7. शिक्षिकाओं द्वारा मोबाइल पकड़े जाने पर पूरे वर्ष वापस नहीं दिया जायेगा।
8. यह पूर्ण स्पष्ट है कि महाविद्यालय परिसर के बाहर छात्रा का कोई उत्तरदायित्व महाविद्यालय प्रशासन वहन नहीं करेगा।
9. यदि कोई छात्रा किसी तथ्य को छिपाकर अथवा असत्य कथन के आधार पर महाविद्यालय में प्रवेश लेती है तो प्राचार्या द्वारा उसका प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा।
कॉलेज यूनीफार्म
प्रत्येक छात्रा को महाविद्यालय में प्रतिदिन निर्धारित परिधान में आना होगा। स्नातक स्तर पर ग्रे कलर का कुर्ता और सफेद शलवार एवं दुपट्टा तथा स्नात्कोत्तर स्तर पर काला व सफेद रंग के चेक का कुर्ता तथा सफेद शलवार एवं दुपट्टा निर्धारित है। साड़ी पहनने वाली छात्राएँ ग्रे कलर की प्लेन साड़ी तथा सफेद ब्लाउज पहनेंगी। निर्धारित परिधान में कोई छूट प्रदान नहीं की जाएगी। बी०एड० द्वितीय वर्ष की छात्राओं के लिए नीले रंग की साड़ी तथा नीले रंग का ब्लाउज एवं प्रथम वर्ष की छात्राओं के लिए हल्के बैगनी रंग का चेक का कुर्ता, सफेद शलवार एवं दुपट्टा निर्धारित है। शीतकाल में सभी छात्राओं के लिए काले रंग का ऊनी स्वेटर, कोट और शाल निर्धारित है। उक्त यूनीफार्म के साथ काले/सफेद रंग के जूते पहने। परिधान में नहीं आने पर महाविद्यालय में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जायेगी।
प्रवेश सम्बन्धी नियम
किसी भी अभ्यर्थी का निम्नलिखित नियमों के अन्तर्गत प्रवेश स्वीकृत किया जायेगा-
1 सत्र 2024-25 में प्रवेश लेने वाली बी०ए०/ बी०एस-सी० प्रथम वर्ष की छात्राओं को सूचित किया जाता है कि इस वर्ष आपको विश्वविद्यालय द्वारा दी गई वेबसाइट www.rmlau.ac.in पर लिंक www.mlau.site पर जाकर कम्प्यूटर के माध्यम से अपना UIN (Unique Identification Number) जनरेट करने के लिए अपनी सम्पूर्ण प्रविष्टियाँ पूर्ण करनी होगी। इस (UIN) नम्बर की दो प्रतियां निकलेंगी। एक प्रति आपको अपने पास सुरक्षित रखना है व एक प्रति महाविद्यालय में जमा करनी होगी। यह नम्बर नागरिक को सरकार द्वारा प्रदान किए गए किसी भी नम्बर की तरह आपके लिए महत्वपूर्ण है। इसे सुरक्षित रखना छात्रा का उत्तरदायित्व है तथा यह भी सुनिश्चित कर लें कि एक बार जनरेट होने के बाद आप दोबारा इस नम्बर को नहीं बदल सकते।
2. प्रवेश लेने की इच्छुक छात्राएं अपना मोबाइल नं० एक रखे उसे बार-बार न बदलें। विश्वविद्यालय/महाविद्यालय द्वारा उसी मोबाइल नं० पर आपके पास लगातार महत्वपूर्ण जानकारियाँ मैसेज (Message) के द्वारा प्रेषित की जाती रहेंगी।
3. प्रवेश के लिए आपको विषय समूह की जानकारी विस्तार से दी गई है सम्पूर्ण रूप से विचार-विमर्श करके अपने आवेदन फार्म में अपने विषय का चयन करें। एक बार चयनित विषय को दोबारा बदला नहीं जाएगा क्योंकि आपके चयनित विषय उसी समय विश्वविद्यालय को प्रेषित हो जाएंगे और वह परीक्षा फार्म में अंकित हो जाएंगे।
4. विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित की गई अन्तिम तिथि के बाद कोई भी प्रवेश महाविद्यालय में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
5. प्रवेशार्थी को प्रवेश समिति की संस्तुति पर ही प्रवेश दिया जायेगा। स्नातक तथा स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में प्रवेश क्रमशः इण्टरमीडिएट तथा बी०ए० के प्राप्त अंको की योग्यता के आधार पर किये जाएँगे।
6. सभी कक्षाओं में प्रवेश मेरिट के आधार पर निर्धारित सीटों पर ही होंगे।
7. स्नातक भाग वो एवं तीन तथा एम०ए० भाग एक एवं दो की कक्षाओं में ऐसी छात्राओं का जिनका परीक्षाफल विलम्ब से घोषित किया गया हो, उनका प्रवेश महाविद्यालय द्वारा निर्गत्त अंकपत्र की तिथि से पन्द्रह दिन के अन्दर किया जायेगा।
8. डी०ए०/ बी०एस०सी० प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएँ दिनांक 10 जुलाई 2024 से तृतीय एंव पंचम तथा एम०ए० प्रथम, तृतीय
सेमेस्टर की कक्षाएँ विनांक 1 अगस्त 2024 से प्रारम्भ होगी।
9. परास्नातक कक्षाओं में प्रवेश हेतु आवश्यक यह है कि छात्रा ने जिन दो विषयों का चयन बी०ए० भाग तीन की परीक्षा में किया है, उन्हीं
में से किसी एक विषय का चयन कर सकेंगी।
10. अनुसूचित जाति/जनजाति की छात्राओं के प्रदेश के लिए इण्टरमीडिएट परीक्षा में न्यूनतम अंक 40% तथा अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग की छात्राओं के न्यूनतम अंक 45% होना चाहिए।
11. बी०ए०/ बी०एस-सी० भाग एक का प्रवेश आवेदन पत्र महाविद्यालय में निर्धारित तिथि तक जमा हो जाना चाहिए।
12 . उ०प्र० शासन द्वारा निर्धारित परिसीमाओं के अन्तर्गत छात्राओं को आरक्षण का लाभ दिया जायेगा। आरक्षण का लाभ प्राप्त करने के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति/जनजाति की प्रवेशार्थियों द्वारा जाति प्रमाण-पत्र आवेदन के साथ जमा करना अनिवार्य होगा। स्वतंत्रता संग्राम या शहीद या अपंग सुरक्षाकर्मी के वास्तविक वार्ड/विकलांग/एन०सी०सी० या खेलों के सम्बन्ध में सक्षम अधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य है।
13. निम्नलिखित वर्ग के प्रवेशार्थी छात्राओं को प्रवेश देना संभव नहीं होगा -
(क) जो गत वर्ष किसी विश्वविद्यालय की परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो चुकी हो।
(ख) जो गत वर्ष परीक्षा में बैठने से रोक दी गयी हो।
(ग) जो अनुचित साधन प्रयोग की दोषी पाई गई हो।
(घ) जो किसी अपराधिक मामले में सजा पा चुकी हो अथवा जिन पर कोई अभियोग चल रहा हो या आचरण संदिग्ध हो।
(ङ) जिन्होंने प्रथम/द्वितीय वर्ष में पूर्व वर्ष में प्रवेश के उपरान्त किन्हीं कारणों से परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पायी हो तथा उनके प्रयोगात्मक विषय रहे हों उनका प्रवेश समिति के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय के नियमों के अन्तर्गत किया जायेगा।
14. प्राचार्या को किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश न देने का अधिकार होगा। इस सम्बन्ध में प्रबन्ध समिति / सचिव का निर्णय अन्तिम होगा।
15. आवेदन पत्र के साथ वांछित प्रमाण-पत्रों के जमा न करने या अपूर्ण आवेदन पत्र पर प्रवेश देना संभव नहीं होगा।
16. छात्रा जिस विद्यालय/संस्था या पाठ्यक्रम/विषयों से उत्तीर्ण हुई हैं, उनका प्रवेश/श्रेष्ठता सूचकांक निर्धारण हेतु उपयुक्तता के सम्बन्ध में प्रवेश समिति का निर्णय मान्य होगा। प्रवेश हेतु प्रवेशार्थी को प्रवेश समिति के सम्मुख सभी मूल प्रमाणपत्रों सहित स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है। यदि कोई छात्रा प्रवेश साक्षात्कार के दिन अनुपस्थित रहती है या प्रवेश सम्बन्धी वांछित औपचारिकताएँ निर्धारित तिथि तक पूर्ण नहीं कर पाती या निर्धारित तिथि तक शुल्क जमा नहीं कर पाती है तो उसका प्रवेश निरस्त कर उसके स्थान पर योग्यताक्रमानुसार अगले प्रवेशार्थी को प्रवेश दिया जा सकता है।
18. प्रवेश संस्तुत हो जाने पर निर्धारित तिथि तक शुल्क जमा करना अनिवार्य है अन्यथा प्रवेश स्वतः निरस्त हो जायेगा।
19. प्रवेश सम्बन्धी समस्त सूचनाएँ महाविद्यालय नोटिस बोर्ड पर ही प्रदर्शित होंगी। समय से प्रवेश सम्बन्धी सही सूचना प्राप्त
करना प्रवेशार्थी का स्वयं का उत्तरदायित्व होगा।
20 . श्रेष्ठता सूची व प्रवेश के सम्बन्ध में प्रवेश समिति का निर्णय अंतिम रूप से मान्य होगा।
महाविद्यालय से नाम काटने की परिस्थितियाँ
1. लगातार 10 दिनों तक बिना सूचना के अनुपस्थित रहने पर।
2. फीस न जमा करने पर।
3. महाविद्यालय में किसी भी प्रकार की अनुशासन हीनता करते हुए पाये जाने पर।
4 प्रत्येक माह, छात्रा की 75 प्रतिशत उपस्थिति न होने पर।
5. पुनः प्रवेश के लिए अभिभावकों की उपस्थिति अनिवार्य होगी, तमी छात्रा को पुनः प्रवेश मिलेगा।
प्रमाण-पत्र भारांक का नियम (Certificate's Weightage)
महाविद्यालय की समस्त कक्षाओं में प्रवेश हेतु भारांक सभी प्रवेशों में खेलकूद, राष्ट्रीय कैडेट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना इत्यादि के लिए भारांक (Weightage) निम्नलिखित प्रकार से दिये जायेंगे।
1. राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय या अन्तर विश्वविद्यालयीय खेलकूद प्रतियोगिता -
एकल प्रतियोगिता में अभ्यर्थी द्वारा प्रथम आने पर 3 प्रतिशत (प्राप्तांकों के अधिकतम योग का), द्वितीय आने पर 2 प्रतिशत (प्राप्तांकों
के अधिकतम योग का) एवं तृतीय आने पर। प्रतिशत (प्राप्तांकों के अधिकतम योग का)
2. एन०सी०सी०, एन०एस०एस० इत्यादि के लिए निम्नलिखित प्रकार के अनुसार -
(क) एन०एस०एस० के अन्तर्गत 240 घंटे की सेवा तथा दो कैम्प विशेष में भाग लेने वाले अभ्यर्थी को 3% (प्राप्तांकों के अधिकतम योग का)
(ख) एन०एस०एस० के अन्तर्गत 240 घंटे की सेवा तथा एक कैम्प विशेष में भाग लेने वाले अभ्यर्थी को 2% (प्राप्तांकों के अधिकतम योग का)
(ग) एन० एस०एस० के अन्तर्गत 240 घंटे की सेवा करने वाले अभ्यर्थी को 1% (प्राप्तांकों के अधिकतम योग का)
(घ) स्काउट एवं गाईड्स के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त अभ्यर्थी को 3% (प्राप्ताकों के अधिकतम योग का)
(ङ) स्काउट एवं गाईड्स के राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त अभ्यर्थी को 2% (प्राप्तांकों के अधिकतम योग का)
(च) स्काउट एवं गाईड्स का द्वितीय सोपान का प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थी को।% (प्राप्तांकों के अधिकतम योग का)