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मुंशी रघुनन्दन प्रसाद सरदार पटेल महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बाराबंकी डॉ० राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या का ही नहीं वरन् वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश के गुणात्मक शिक्षा के प्रतिमान महाविद्यालयों में से एक अन्यतम महाविद्यालय है। नियमित पढ़ाई, आदर्श अनुशासन तथा नकलविहीन परीक्षा के लिए यह महाविद्यालय प्रख्यात है। लगभग 34 वर्षों की अल्प अवधि में ही महाविद्यालय द्वारा अर्जित ख्याति सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है।
इस महाविद्यालय की स्थापना वरिष्ठ समाजसेवी स्व. मुन्शी रघुनन्दन प्रसाद जी द्वारा प्रदत्त भूमि पर प्रसिद्ध सामाजिक संस्था सरदार पटेल संस्थान बाराबंकी द्वारा बाराबंकी जनपद के उच्च शिक्षा प्रेमी नागरिकों एवं समाज के प्रतिष्ठित तथा सम्पन्न महानुभावों के उदार सहयोग से 07 जून 1985 को की गई तथा इसका आरम्भ तत्कालीन अवध विश्व विद्यालय अयोध्या से सम्बद्धता उपरान्त 01 जुलाई 1990 को हुआ। स्थापना के साथ इस महाविद्यालय को छः विषयों में (1) हिन्दी (2) राजनीतिशास्त्र (3) शिक्षा शास्त्र, (4) अर्थशास्त्र (5) गृह विज्ञान तथा (6) समाजशास्त्र अस्थाई संबद्धता मिली थी। इसी के साथ छः प्राध्यापिकाओं, एक लिपिक आठ चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्ति की गयी थी।
यह महाविद्यालय छात्राओं को निर्धारित पाठ्यक्रम के साथ-साथ व्यक्तित्व निर्माण की ऐसी शिक्षा प्रदान करता है जो समय सापेक्ष है। इसके लिए छात्राओं की रूचि तथा प्रतिभा को ध्यान में रखकर उन्हें साहित्यिक सांस्कृतिक तथा राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों में सहभागिता के सुअवसर प्रदान किये जाते हैं। जो छात्राएँ खेलकूद में रूचि रखती है उन्हें प्रशिक्षण की विशेष सुविधा प्रदान की जाती है। सत्र 2011-2012 में विश्वविद्यालय के कुलसचिव के निर्देश पर महाविद्यालय के पुरातन छात्रा तथा अभिभावक सम्मेलन का आयोजन कर महाविद्यालय ने पुरातन छात्रसंघ तथा अभिभावक संघ का गठन कर उनका सहयोग तथा परामर्श लेने की गौरवशाली परम्परा का शुभारम्भ किया है।

यह महाविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यकलापों का उ०प्र० का सर्वश्रेष्ठ महाविद्यालय है। हमारा महाविद्यालय अपने श्रेष्ठ कार्यक्रमों के कारण वर्ष 1994 में उ०प्र० का प्रथम राज्य स्तरीय श्रेष्ठता पुरस्कार अर्जित कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ा चुका है। वर्ष 1997 में हमारे महाविद्यालय की ही राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयं सेविका कु० रेखा वर्मा ने राष्ट्रीय युवा पुरस्कार अर्जित कर महाविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित किया। यही नहीं इस महाविद्यालय ने वर्ष 2006 में इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार अर्जित कर सारे देश में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्र में सर्वोत्कृष्ट कार्य करने के कारण ट्रेनिंग एण्ड ओरियन्टेशन सेन्टर, कानपुर रोड, लखनऊ द्वारा महाविद्यालय को 'रोल मॉडल कालेज' के रूप में चयनित किया गया है। उ०प्र० एवं उत्तराखण्ड राज्य के कार्यक्रमाधिकारी अपने प्रशिक्षण के दौरान हमारे महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यों का अवलोकन करने के लिए टी०ओ०सी० लखनऊ द्वारा महाविद्यालय परिसर में भेजे जाते रहे हैं। महाविद्यालय द्वारा किये गये राष्ट्रीय सेवा योजना के उत्कृष्ट कार्यों का अवलोकन करने तथा उससे प्रेरणा लेने के लिए अब तक उ०प्र० तथा उत्तराखण्ड के कुल 190 कार्यक्रमाधिकारी, जिनमें महिला तथा पुरुष अध्यापक सम्मिलित है, महाविद्यालय में आ चुके हैं।

मतदाता जागरूकता अभियान में महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की सक्रिय भूमिका को देखते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ० ऊषा चौधरी जी को जिला स्तर पर मतदाता जागरूकता अभियान की स्वीप अधिकारी नियुक्त कर सम्मानित किया गया तथा राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रमाधिकारी श्रीमती मोनिका तिवारी को मतदाता जागरूकता में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए राज्य निर्वाचन विभाग द्वारा राज्यस्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाइयों की स्वयं सेविकाओं ने अपनी श्रेष्ठता स्थापित करते हुए डॉ० राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या द्वारा घोषित स्वामी विवेकानन्द राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार वर्ष बीच में यह पुरस्कार दिया जाना बंद हो गया था। इस वर्ष पुनः 2008-09 एवं 2017-18 के लिए विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति प्रो० मनोज दीक्षित जी के कर कमलों से प्राचार्या डॉ० ऊषा चौधरी, रा०स० यो० कार्यक्रम अधिकारी डॉ० नितेष त्रिपाठी व स्वयं सेविकाएं श्रीमती रूपांजलि शर्मा, कु० सिन्धुजा मिश्रा व कु० एमन बानो ने विवेकानन्द पुरस्कार अर्जित कर महाविद्यालय के इतिहास में एक सुनहरा पृष्ठ जोड़ा। यह महाविद्यालय हर खुली प्रतिस्पर्धा की सहभागिता का प्रबल दावेदार है।

इस महाविद्यालय में रेंजर्स की इकाई भी अपने श्रेष्ठ कार्यक्रमों से सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है। पंच दिवसीय शिविर लगाकर रेंजर की छात्राएँ आत्मरक्षा, आकस्मिक चिकित्सा, टेंट लगाना, पुल निर्माण, बिना बर्तन के भोजन बनाना जैसे कार्यों का प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाणपत्र अर्जित करती हैं। खो-खो में यह महाविद्यालय अवध विश्वविद्यालय का सर्वश्रेष्ठ महाविद्यालय है। अन्य खेलकूद में भी यह महाविद्यालय अवध विश्वविद्यालय का एक ख्याति प्राप्त महाविद्यालय है। विगत वर्षों में यह महाविद्यालय खो-खो में 6 बार विजेता तथा 5 बार उपविजेता रहा है। टेबुल टेनिस, बैडमिन्टन में भी यह महाविद्यालय, विश्वविद्यालय में अपना स्थान बना चुका है।

यह महाविद्यालय समुदाय की अपेक्षाओं के अनुरूप निरन्तर विकास कर रहा है। इस महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर कला संकाय के अन्तर्गत हिन्दी, संस्कृत, अंग्रेजी, उर्दू, गृह विज्ञान, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, शिक्षाशास्त्र, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, भूगोल एवं संगीत तथा विज्ञान संकाय के अन्तर्गत रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, गणित, इलेक्ट्रानिक्स, प्राणि विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, पर्यावरण तथा माइक्रोबायोलाजी विषयों में तथा परास्नातक स्तर पर हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र व गृह विज्ञान में शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ यहाँ शिक्षण प्रशिक्षण का बी०एड० पाठ्यक्रम सत्र 2007-2008 से संचालित है। इसमें निर्धारित सीटों की संख्या 100 है।

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स्व. श्री मुंशी रघुनन्दन प्रसाद
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डॉ. उषा चौधरी
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